Poetry
Atmasakshatkar
by Neha Singhania
यह पुस्तक मेरे दिल के बहुत ही करीब है। शब्दों को पन्नों पर उतारने की कोशिश की है। इस पुस्तक को असलियत में पंख देने में कई लोगों को योगदान है। सबसे पहले तो उन महिलाओं को शत्-शत् प्रणाम जिन्होंने इस दुनिया में मुझे जीना सिखाया। उन सभी को दिल से धन्यवाद, जो कहीं-न-कहीं मुझे इस पुस्तक की रचना में मदद की है। मेरा नाम नेहा सिंघानिया है। मैं एक मध्यम वर्गीय मारवाणी परिवार की रहने वाली हूँ। मैंने अपने जीवन की पहली चार पंक्तियाँ तब लिखीं जब मैं इंटरमीडियेट की परीक्षा देने जा रही थी और आज वो दिन है जब मेरी एक कविता संग्रह प्रकाशित हो गई है। ईश्वर को शत्-शत् नमन।
